पुस्तकालय निर्वाण धाम श्रवण साधना
ऑडियोबुक अनुभव जब शब्द कानों से भीतर उतरते हैं, तो वे केवल जानकारी नहीं रहते। वे धीरे-धीरे देखने की एक विधि बन जाते हैं। इन ऑडियोबुक्स को भागकर सुनने के लिए नहीं, ठहरकर सुनने के लिए बनाया गया है।
9 हिंदी पुस्तकें130 अध्याय9 अंग्रेजी पुस्तकें
हिंदी श्रवण English Listening
श्रृंखला
01 मैं कौन हूँ साधक ही भ्रम है 02 माया और मन विचार, भ्रम और जागृति की पहचान 03 ईश्वर कौन है? स्वरूप से अरूप तक 04 अद्वैत का बोध शास्त्र से सत्य तक 05 शिव और शक्ति जब दो नहीं, एक है 06 योग: स्वयं की ओर शास्त्रों के आलोक में 07 तंत्र: मार्गों का संगम आगम से अद्वैत तक 08 माया के मज़े संसार को साक्षी भाव से देखना 09 सूक्ष्म संसार दृश्य के पार, द्रष्टा की ओर खोज से विश्राम तक
मैं कौन हूँ साधक ही भ्रम है
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लेखक-नोट — मैंने यह पुस्तक क्यों लिखी
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01 लेखक-नोट — मैंने यह पुस्तक क्यों लिखी MP3 02 अध्याय १ — पहली भूल — “मैं अभी वहाँ नहीं पहुँचा” MP3 03 अध्याय २ — साधक: विचारों से बनी एक पहचान MP3 04 अध्याय ३ — जागरण उपलब्धि क्यों नहीं हो सकता MP3 05 अध्याय ४ — आध्यात्मिक अनुभवों का जाल MP3 06 अध्याय ५ — गुरु, विधि और छिपी हुई निर्भरता MP3 07 अध्याय ६ — खोज: एक सूक्ष्म पलायन MP3 08 अध्याय ७ — जब खोज शांत होने लगती है MP3 09 अध्याय ८ — साधक को कौन जान रहा है? MP3 10 अध्याय ९ — कोई अंतिम विस्फोट नहीं, केवल सरल पहचान MP3 11 अध्याय १० — बनने के बोझ के बिना जीना MP3 12 समापन-संदेश — अंतिम मौन-स्पर्श MP3